डॉन रिपोर्टर, उज्जैन।
जहरीली शराब कांड के बाद पूरे देश में बदनाम हुई उज्जैन पुलिस में आते ही नवागत एसपी सत्येंद्रकुमार शुक्ला ने सफाई की तैयारी की है। पहले चरण में दिवाली से पहले उन्होंने जिलों के थानों पर सालों से जमे मठाधीश पुलिसकर्मियों को हटाने की ठानी है।
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस कंट्रोलरूम पर मीडिया से मुखातिब हुए और मीडियाकर्मियों से औपचारिक मुलाकात की व उनका परिचय जाना। इस दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नवंबर के पहले सप्ताह तक जिलों के थानों में तीन-तीन साल से पदस्थ पुलिसकर्मियों को बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिसकर्मी खाकी की छवि धूमिल करेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जहरीली शराब में बर्खास्त किए गए दो पुलिसकर्मियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यदि सकारात्मक तौर पर मीडिया का सहयोग मिलेगा तो वे अपराध जगत की नींद हराम कर देंगे। गुंडे या बदमाश कितने बड़े रसूखदार हो या फिर उन्हें किसी का भी संरक्षण प्राप्त रहे, उन्हें सलाखों के पीछे धकेलने से कोई नहीं रोक पाएगा। इस दौरान उन्होंने शहर के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की व समस्याएं जानी। इस दौरान उनके साथ शहर एएसपी अमरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
एक नजर में नवागत एसपी शुक्ला का परिचय
नाम- सत्येंद्रकुमार शुक्ला
शिक्षा- एम.ई. (मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग)
आईपीएस बैच- 2009
अब तक इन जिलों में एसपी- उमरिया, सागर, शहडोल और अब उज्जैन
प्रमुख उपलब्धियां- 50 हजार के इनामी डकैत प्रकाश गड़रिया का एनकाउंटर, महिला अपराध नियंत्रण में मुख्यमंत्री से सम्मानित व कई खूंखार अपराधियों की धरपकड़